मल्लपुराण
चर्चा
अध्याय ११प्रगति पर

व्यायाम-क्रम और मर्दन (संवाहन)

पंचविध मल्ल-प्रकृति (अस्थिसार, मांससार, मेदसार आदि) के अनुसार भिन्न व्यायाम-क्रम (भ्रमणिका) का सिद्धांत यहाँ दिया गया है। 'ऊहापोह' के द्वारा प्रतिमल्ल के विरुद्ध रणनीति व मानसिक तैयारी को अभ्यास का अनिवार्य अंग माना गया है, और सत्रह प्रकार के गोनितक तथा तेरह प्रकार के मर्दन (संवाहन) से प्रशिक्षण एवं पुनःप्राप्ति दोनों का संतुलन स्थापित होता है।

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मूल श्लोक, अनुवाद और टीका का कार्य चल रहा है। जैसे ही यह अध्याय पूर्ण होगा, यहीं पढ़ने को मिलेगा।

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