मल्लपुराण
चर्चा
अध्याय प्रगति पर

मल्लविद्या का दान

कृष्ण-बलराम के मोढेरा-प्रवेश के बाद वेदवेत्ता और युद्ध-कुशल ब्राह्मण सोमेश्वर का परिचय मिलता है। कलियुग के संकट को दृष्टि में रखकर कृष्ण उसे मल्लविद्या का दान देते हैं और इसे सर्वविद्याओं में प्रधान बताते हैं। कंस-चाणूर वध का दृष्टांत दिखाता है कि यह विद्या केवल बल नहीं, अपितु तकनीक, नियम और आत्मरक्षा का संपूर्ण शास्त्र है।

🪔

यह अध्याय अभी तैयार हो रहा है

मूल श्लोक, अनुवाद और टीका का कार्य चल रहा है। जैसे ही यह अध्याय पूर्ण होगा, यहीं पढ़ने को मिलेगा।

ग्रंथ-सूची पर लौटें

All rights reserved © Karla Kutuhal Akhara by Vagambhrini 2021-2026
UDYAM ID: UDYAM-UK-07-0005613 | MSME Registered under 8541 - Sports Education