मल्लपुराण
चर्चा
अध्याय १८प्रगति पर

विज्ञान के प्रकार और निम्बजा शक्ति

विज्ञान के छह प्रकार (ओज, वहणि, प्राण तथा इनके मिश्र) से मल्लविद्या की शक्ति-रचना का मूल सिद्धांत रखा जाता है। कृष्ण और सोमेश्वर के प्रदर्शन-युद्ध से ताल, स्थानक, घात व लाग आदि तकनीकों का समन्वित प्रयोग दिखता है। निम्बजा शक्ति की स्थापना और फलश्रुति से यह अध्याय साधना को परम्परा, भक्ति और अनुशासन से जोड़कर ग्रंथ का उपसंहार करता है।

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मूल श्लोक, अनुवाद और टीका का कार्य चल रहा है। जैसे ही यह अध्याय पूर्ण होगा, यहीं पढ़ने को मिलेगा।

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