मल्लपुराण
चर्चा
अध्याय प्रगति पर

मल्लों के आठ प्रकार और पशु-गुण

मल्लों के आठ प्रकार — युवा, प्राणवान, ज्येष्ठी, अन्तरज्येष्ठी, गोपकुल, भविष्य, बाल व वृद्ध — का परिचय देकर उन्हें चार पशु-रूपकों (गज, सिंह, वृष, मृग) के आधार पर स्वभाव व युद्ध-शैली में वर्गीकृत किया गया है। आयु, आहार, संयम व निरन्तर श्रम के अनुसार किस अवस्था तक मल्ल की योग्यता टिकती है, इसका व्यावहारिक निर्देश भी दिया गया है।

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मूल श्लोक, अनुवाद और टीका का कार्य चल रहा है। जैसे ही यह अध्याय पूर्ण होगा, यहीं पढ़ने को मिलेगा।

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