मल्लपुराण
चर्चा
अध्याय प्रगति पर

पंचांग मल्ल लक्षण एवं देह-विवेक

मल्ल के अंग-विवेक को उत्तम, मध्यम और अधम लक्षणों के द्वारा व्यवस्थित रूप से समझाया गया है। बत्तीस 'विस्तार' को जयदायक आधार माना गया है, और धातु-भेद (अस्थि, मांस, मेद) के अनुसार पाँच प्रकार के मल्लों का निरूपण होता है। शरीर की रचना के अनुसार ही दांव और पैंतरे चुनने की शिक्षा देकर यह अध्याय देह-विज्ञान को मल्लविद्या की जड़ बताता है।

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यह अध्याय अभी तैयार हो रहा है

मूल श्लोक, अनुवाद और टीका का कार्य चल रहा है। जैसे ही यह अध्याय पूर्ण होगा, यहीं पढ़ने को मिलेगा।

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