मल्लपुराण
चर्चा
अध्याय १४प्रगति पर

विजय के प्रकार और मध्यम/अधम मल्ल लक्षण

विजय के बारह प्रकार क्रम से बताते हैं कि जीत मन, व्यायाम, अग्नि, आहार-परिणाम, बल, प्राण, पराक्रम, क्रम व लाघव से होकर 'सर्व-जय' तक पहुँचती है। ब्रह्मचर्य-संबंधी निषेध, बत्तीस 'गर्भशूर' तथा मध्यम व अधम मल्लों के दोषों का वर्णन चरित्र-निर्माण की दृष्टि से किया गया है — पतन का कारण केवल शारीरिक दुर्बलता नहीं, अपितु दोष, भय, असंयम व मिथ्या-गर्व भी है।

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मूल श्लोक, अनुवाद और टीका का कार्य चल रहा है। जैसे ही यह अध्याय पूर्ण होगा, यहीं पढ़ने को मिलेगा।

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