मल्लपुराण
चर्चा
अध्याय प्रगति पर

ताल, दृष्टि, लाग और स्थानक

पाँच प्रकार के ताल (लय) और पाँच प्रकार की दृष्टि से युद्ध की समय-बुद्धि और समग्र भान सिखाया गया है। चौदह प्रकार के लाग (पकड़/पाश) और बारह प्रकार के स्थानक (पैंतरे) बताकर मल्ल-युद्ध की तकनीकी रूपरेखा दी गई है — जहाँ स्थान, समय और अवस्था के अनुसार ही पकड़ व पैंतरा चुनने का क्रम और लय सिखाया जाता है।

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मूल श्लोक, अनुवाद और टीका का कार्य चल रहा है। जैसे ही यह अध्याय पूर्ण होगा, यहीं पढ़ने को मिलेगा।

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